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भिखारी बन चुके इंस्पेक्टर की दोस्तों की मदद से बदल रही है जिंदगी।

पुलिस इंस्पेक्टर रहे मनीष मिश्रा की यह तस्वीरें हैं, अपने दोस्तों के साथ हंसी मजाक करते नजर आ रहे हैं।

अपने पूराने दोस्तों के साथ बेहद खुश भी हैं।

लेकिन कुछ दिन पहले…

मनीष मिश्रा ग्वालियर में इस हालत में मिले थे, सड़क किनारे दयनीय स्थिती में मिले थे।

भिखारी समझ कर DSP रत्नेश सिंह तोमर और विजय भदोरिया ने, ठंड से बचाने के लिए

अपने जूते और जैकेट दे दिए।

लेकिन तभी मनीष ने इन अधिकारियों को नाम से पुकारा, अपना नाम सुनकर दोनों अधिकारी

दंग रहे गए, फिर बात करने पर पता चला कि जिसे वो भीखारी समझ रहे थे। वो इनका

बैचमेट मनीष मिश्रा है, जो इनके साथ ही 1999 में सब इंस्पेक्टर बने थे।

दरअसल मनीष मिश्रा 2005 तक इंस्पेक्टर पद पर रहे लेकिन मानसिक संतुलन खोने की वजह से

घर पर रहने लगे लेकिन एक दिन लापता गए। फिर इसके बाद घर वालों को मनीष के बारे में कोई

जानकारी नहीं मिली।

लेकिन आज मनीष मिश्रा के जीवन में दोस्तों की वजह से नई रोशनी आई है,मनीष पहले से बेहतर

स्थिती में हैं। इनकी देखभाल एक सामाजिक संगठन कर रहा है, साथ ही मनीष का इलाज

भी हो रहा है

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